Vayu Cyclone has been seen in the Arabian Sea ( वायु चक्रवात को अरब सागर में देखा गया है )
Vayu Cyclone has been seen in the Arabian Sea ( वायु चक्रवात को अरब सागर में देखा गया है )

Vayu Cyclone has been seen in the Arabian Sea ( वायु चक्रवात को अरब सागर में देखा गया है )

वायु नामक चक्रवात

चर्चा में क्यों?

हाल ही में भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने साइक्लोन ‘वायु‘ के लिये ऑरेंज चेतावनी जारी की। 
♦️वायु नामक यह चक्रवात पूर्व-मध्य अरब सागर से भारत की ओर बढ़ा है जो गुजरात के तट से टकराया है।

प्रमुख बिन्दु:-

♦️ यह वायु नामक चक्रवात तुलनात्मक रूप से ,फणि की अपेक्षा बहुत कमज़ोर है। परन्तु पूर्वानुमानों के अनुसार, इस चक्रवात को अत्यधिक शक्तिशाली रूप में ,गंभीर चक्रवाती तूफ़ान’ की श्रेणी में ही रखा जाएगा है।
♦️हवाएँ हमेशा उच्च वायु दाब के केन्द्र से निम्न वायु दाब के केन्द्र की और चलती है। अर्थात High Pressure to Low pressure की और चलती है।और यही कारण है की जब किसी स्थलीय क्षेत्र में निम्न दाब के केन्द्र उत्पन्न हो जाए तो वह मानसूनी हवाओं को अपनी ओर आकृष्ठ करता है। 

चक्रवात ?

♦️हवाओं का परिवर्तनशील और अस्थिर चक्र, जिसके केंद्र में निर्मित निम्न वायुदाब तथा बाहर उच्च वायुदाब होता है, ‘चक्रवात’ कहलाता है।
♦️चक्रवात सामान्यत: निम्न वायुदाब का केन्द्र होता है, जिसके चारों ओर समवायुदाब रेखाएँ संकेंद्रित रहती हैं तथा परिधि या बाहर की ओर उच्च वायुदाब रहता है, जिसके कारण हवाएँ चक्रीय गति से परिधि से केन्द्र की ओर चलने लगती हैं।
♦️चक्रवात की दिशा पृथ्वी के घूर्णन के कारण बदलती रहती है, उत्तरी गोलार्द्ध में घड़ी की सुई की दिशा के विपरीत अर्थात Anty clock wise/वामावर्त (counter-clockwise) तथा दक्षिणी गोलार्द्ध में घड़ी की दिशा में अर्थात Clock wise/दक्षिणावर्त (clockwise) दिशा होती है।

चक्रवात के प्रकार ( Types of Cyclones )

♦️अवस्थिति के आधार पर चक्रवात दो प्रकार के होते हैं-
1. उष्ण कटिबंधीय चक्रवात ( Tropical Cyclones )
2. शीतोष्ण कटिबंधीय चक्रवात या वाताग्री चक्रवात ( Temperate Cyclones )


उष्ण कटिबंधीय चक्रवातों के प्रमुख क्षेत्र

♦️कैरेबियन सागर में आने वाले ऐसे चक्रवातों को ‘हरिकेन, कहते हैं। ये मुख्यतः जून से अक्टूबर के मध्य आते हैं।
♦️चीन सागर क्षेत्र में आने वाले चक्रवातों को ‘टाइफून’ ( Typhoons ) कहते हैं। ये जुलाई से अक्टूबर के मध्य आते है, जो फ़िलीपींस, चीन, तथा जापान देश को प्रभावित करते हैं।
♦️हिन्द महासागर क्षेत्र में आने वाले चक्रवातों को ‘चक्रवात’ के नाम से ही जाना जाता हैं। ये भारत, बांग्लादेश, म्यांमार, मेडागास्कार तथा ऑस्ट्रेलिया के तटों पर आते है।
♦️ऑस्ट्रेलिया में इन चक्रवातों को ‘विली-विलीज़’ ( Willy-Willies ) की नाम से जाना जाता है।

Note:- उष्ण कटिबंधीय अक्षांशों में दक्षिणी-पूर्वी अटलांटिक और दक्षिणी-पूर्वी प्रशांत क्षेत्रों में चक्रवात उत्पन्न नहीं होते है, जिसका प्रमुख कारण समुद्री पृष्ठों का ताप निम्न होना है क्योंकि यहाँ पर ठण्डी जलधाराएँ प्रवाहित होती हैं। 

आभार 
प्रवीण दान चारण ( वलदरा )