Supreme court imposes penalty on state of Meghalaya

Supreme court imposes penalty on state of Meghalaya

अवैध कोयला खनन के लिए जुर्माना


चर्चा में क्यों ?
 
हाल ही में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा मेघालय राज्य हो रहे अवैध कोयला खनन के लिए मेघालय सरकार पर 100 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है।


प्रमुख बिन्दू:-

▪️ध्यात्वय है की, कुछ समय पहले NGT ( National Green Tribunal / नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ) द्वारा मेघालय सरकार तथा केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड पर अवैध कोयला खनन पर रोक लगाने में विफल होने पर जुर्माना लगाया गया था।
▪️सुप्रीम कोर्ट के इस फ़ैसले के अनुसार कोल इंडिया द्वारा इसकी नीलामी की जाएगी तथा नीलामी के पैसों को राज्य सरकार के फंड में जमा करवाया जाएगा। 
▪️वही दूसरी और यह कहा गया की राज्य में अब निजी और सामुदायिक स्वामित्व वाली जमीनों पर खनन के संचालन के लिए संबंधित अधिकारियों से अनुमति लेनी आवश्यक होगी।वर्तमान समय में मेघालय राज्य में बड़ी भारी मात्रा में कोयले का अवैध खनन हो रहा है।
▪️इन अवैध खानो के कारण भारी मात्रा में पर्यावरण प्रदूषण का ख़तरा मंड़रा रहा है, जिसके कारण सामाजिक-सांस्कृतिक बदलाव हो रहे है।


कोयला:-

▪️कोयला एक ठोस कार्बनिक पदार्थ होता है, जिसका उपयोग ईंधन के रूप में किया जाता है।
यह अवसादी चट्टानो के उदाहरण होते है, जिनका निर्माण अनाच्छादन ( Denudation ) की प्रक्रिया द्वारा हुआ है।
▪️कोयले की गुणवत्ता का पता उसमें उपस्थित कार्बन की मात्रा के आधार पर किया जाता है।
कार्बन की मात्रा के आधार पर इसे 4 भागो में विभक्त किया जाता है।

1. एन्थ्रेसाइट (94% से अधिक)
2. बिटूमिनस (78-86%)
3. लिग्नाइट (40-78%)
4. पीट (40% के कम)