Reservation related provisions in India

Reservation related provisions in India

आरक्षण का मुद्दा

चर्चा में क्यों ?

हाल कुछ समय पहले देश में आरक्षण का मुद्दा काफ़ी चर्चे का विषय रहा क्योंकि आर्थिक आधार पर 10% आरक्षण, राजस्थान में गुर्जर तथा अन्य समुदाय को 5% आरक्षण तथा मध्यप्रदेश में OBC को 14% से बढ़ाकर 27% ( 13% आरक्षण ) आरक्षण के मुद्दे ने एक बार पुनः आरक्षण को भारत में चर्चे का विषय बना दिया है।

क्या है आरक्षण:-
♦️आरक्षण शब्द का तात्पर्य है की सरकारी सेवाओं और संस्थानों में पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं रखने वाले पिछड़े समुदायों तथा अनुसूचित जातियों और जनजातियों के सामाजिक और शैक्षिक पिछड़ेपन को दूर करने के लिए सरकार द्वारा दी जाने वाली विशेष रियायत है।

आरक्षण का मूल उद्देश्य:-

♦️ आरक्षण देने का उद्देश्य केंद्र और राज्य में शिक्षा के क्षेत्र, सरकारी नौकरियों, चुनाव और कल्याणकारी योजनाओं में हर वर्ग की हिस्सेदारी सुनिश्चित करना है।


आर्थिक आधार पर 10% आरक्षण

♦️ यह आरक्षण प्रायः मूल रूप से सामान्य वर्ग के आर्थिक क्षेत्र में कमज़ोर एवं पिछड़े व्यक्तियों को शिक्षा एवं सरकारी नौकरियों में 10 फीसदी आरक्षण दिया जाएगा। 
♦️इसे सुनिश्चित करने के लिए सरकार द्वारा 124वाँ संविधान संशोधन विधेयक लोकसभा द्वारा 8 जनवरी को पारित कर दिया गया। 
♦️इस आरक्षण का लाभ हिंदू, मुसलमान और ईसाई समुदाय के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों के साथ-साथ सभी अनारक्षित जातियों के गरीबों को मिलेगा। यह नया आरक्षण SC, ST और OBC के आरक्षण को प्रभावित नहीं करेगा।

♦️ वर्तमान समय में देश में आरक्षण की कुल सीमा 49.5 प्रतिशत है जों सरकारी नौकरियों में अनुसूचित जाति, जनजाति एवं पिछड़ी जातियों के लिये आरक्षित हैं।
♦️जिसमें भारत की कुल जनसंख्या के 20 प्रतिशत हिस्से का प्रतिनिधित्व करने वाले अनुसूचित जातियों के लिये 15%, कुल जनसंख्या के 9% हिस्से का प्रतिनिधित्व करने वाले अनुसूचित जनजातियों के लिये 7.5% तथा अन्य पिछड़ी जातियों के लिये 27% आरक्षण का प्रावधान है।
♦️सरकार द्वारा नए 10% आर्थिक आरक्षण के लागु होने के पश्चात आरक्षण की यह सीमा 49.5 प्रतिशत से बढ़कर 59.5 प्रतिशत हो जाएगा। जों असंवैधानिक है।
Note:- हालाँकि सुप्रीम कोर्ट ने 1992 में इंदिरा साहनी फैसले में साफ किया था कि किसी भी विशेष श्रेणी में दिये जाने वाले आरक्षण का कुल आँकड़ा 50% से अधिक नहीं होना चाहिये।

आरक्षण की पात्रता:-

यह आरक्षण अगड़ी जातियों के आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्गों के लिये लक्षित है। आरक्षण की पात्रता की शर्तें इस प्रकार होंगी-

♦️ सामान्य वर्ग के ऐसे परिवार जिनकी सालाना आय 8 लाख रुपए या उससे कम हो।
♦️ऐसे परिवार जिनके पास 5 एकड़ या उससे कम कृषि योग्य भूमि है।
♦️वे परिवार जिनके पास 1000 वर्ग फीट या उससे कम क्षेत्रफल का फ्लैट है।
♦️ जो लोग अभी तक किसी भी तरह के आरक्षण के अंतर्गत नहीं आते थे।


राजस्थान में गुर्जर आरक्षण:-

राजस्थान में गुर्जर, बंजारा, गड़िया लोहार, रेबारी, गड़रिया आदि को विशेष पिछड़े वर्ग के रूप में अलग से पांच प्रतिशत आरक्षण का मामला सामने आया है। जों असंवैधानिक है, क्योंकि राज्य में वर्तमान समय में यह सीमा 49% है जों बढ़कर 54% हो जाएगी जो असंवैधानिक होगी।

मध्यप्रदेश के आरक्षण सम्बंधी सभी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी के लिए इस लिंक पर क्लिक करे:- https://www.srijanias.com/post/current-affairs-daily-top-Current-news-article-news-15