New motor vehicle act

New motor vehicle act

नया मोटर व्हीकल एक्ट

हाल ही में सरकार ने मोटर व्हीकल एक्ट में बदलाव किये है, जिसका मुख्य कारण देशभर में बढ़ रही दुर्घटनाओं और लोगों की मौतो का होना है।

जाने अनजाने में प्रतिदिन ट्रैफिक के नियमों का उलंखन होता है और अब मोटर व्हीकल एक्ट या मोटरवाहन अधिनियम में बदलाव के लिए सड़क एवं परिवहन मंत्रालय को कैबिनेट ने मंजूरी प्रदान की है। इस एक्ट में कड़े नियम एवं अधिक जुर्माने लगाने का मुख्य उद्देश्य मानवीय गलतियों से होने वाले सड़क हादसों को रोकना है।

क्या है नये मोटर व्हीकल एक्ट के नियम:-

अपराध

पहले जुर्माना

अब जुर्माना

सीट बेल्ट नहीं लगाने पर

300 रुपये

1000 रुपये

दोपहिया वाहन पर दो से ज्यादासवारी होने पर

100 रुपये

1000 रुपये

हेलमेट नहीं पहनने पर

200 रुपये

1000 रुपये और 3 महीने के लिएलाइसेंस निलंबित

एंबुलेंस को रास्ता नहीं देने पर

0

1000 रुपये

ड्राइविंग लाइसेंस न होने पर

500 रुपये

5000 रुपये

लाइसेंस रद्द होने के बाद भी गाड़ीचलाने पर

500 रुपये

10000 रुपये

ओवर स्पीड

400 रुपये

2000 रुपये

खतरनाक ड्राइविंग करने पर

1000 रुपये

5000 रुपये

शराब पीकर वाहन चलाने पर

2000 रुपये

10,000 रुपये

मोबाइल पर बात करते हुए ड्राइविंगकरने पर

1000 रुपये

5,000 रुपये

बिना परमिट के पाए जाने पर

5,000 रुपये

10,000 रुपये

गाड़ी ओवरलोड होने पर

2000 रुपये और उसके बाद प्रतिटन1000 रुपये

2000 रुपये और उसके बाद प्रति टन2000 रुपये

बिना इंश्योरेंस के गाड़ी चलाने पर

1000 रुपये

2000 रुपये

नाबालिग द्वारा गाड़ी चलाने पर

0

25,000 रुपये और 3 साल की सजा, वाहन का रजिस्ट्रेशन रद्द, गाड़ी केमालिक और अभिभावक को दोषीमाना जाएगा, नाबालिग को 25 सालकी उम्र तक लाइसेंस नहीं

गाड़ी का पॉल्यूशन सर्टिफिकेटनहीं होने पर

500 रुपये

5000 रुपये

 

इस मोटर व्हीकल एक्ट में बताया गया है की सड़क हादसे में जान गंवाने वाले को 10 लाख रुपये और गंभीर चोट आने पर पांच लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता मिलेगी।

इसके अलावा केंद्र सरकार वाहनों के लिए नेशनल रजिस्टर भी खोलने जा रही है। जिससे वाहनों को यूनीक रिजस्टर नंबर दिया जाएगा जिसके परिणाम स्वरूप नकल को रोका जाएगा। 

ध्यातव्य रहे की इसके अतिरिक्त सरकार को खराब और एक स्तर की बराबरी पर ना आने वाले वाहनों को हटाने का भी अधिकार मिल सकता है। उससे सरकार ‘खराब’ वाहन बनाने वाले को 500 करोड़ तक का जुर्मानालगा सकेगी।

 

मोटर वाहन संशोधन विधेयक 2019 को 9 अगस्त  2019  को राष्ट्रपति कीमंजूरी मिल गई है.  बेंगलुरू के आरटीओ और सेंट्रल मोटर व्हीकल एक्टड्रॉफ्ट कमेटी के सदस्य मोहम्मद अशफाक अहमद ने बताया कि नए एक्ट काड्रॉफ्ट बनाने में सभी राज्यों की मदद ली गई है।

- इसलिए ही उसमें करीब डेढ़ साल का समय बनाने में लग गया। कई तरहकी आपत्तियों व सुझावों को भी नए एक्ट में शामिल कर लिया गया है।इससे आम लोगों को परेशानी नहीं उठाना पड़ेगी।