President's Rule in Jammu Kashmir & article 370 & 35A

President's Rule in Jammu Kashmir & article 370 & 35A

जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रपति शासन

जम्मू-कश्मीर जो कि भारत का एक अभिन्न अंग है, जहाँ पहले 6 माह के राज्यपाल शासन लगाया गया था जिसके बाद 18 December, 2018 को राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया था.... जो अभी तक चल रहा हैं... कश्मीर के नेताओं ने लगातार मांग भी की हैं कि जल्द से जल्द राष्ट्रपति शासन हटाकर J&K में चुनाव करवाये जाए.. इस मांग को चुनाव आयोग ने लगातार दरकिनार कर दिया.. जिसके कई कारण रहे...। अब आज आयोग ने कहा हैं कि जम्मू कश्मीर में चुनाव होने की घोषणा, अमरनाथ यात्रा के बाद कि जाएगी, और सम्भवतः चुनाव साल के अंत में होंगे... मतलब राष्ट्रपति शासन आगे बढ़ा दिया जाएगा...।

इस बीच ख़बर यह आ रही हैं कि जम्मू कश्मीर चुनाव से पूर्व यहाँ की विधानसभा सीटों का पुनःसीमांकन किये जानें हेतु जम्मू कश्मीर राज्यपाल से सहमति ले ली गयी हैं.. इस सहमति के उपरांत परिसीमन आयोग का गठन किया जाएगा... भारत का संविधान प्रावधान करता हैं कि प्रत्येक जनगणना के बाद परिसीमन आयोग गठित होगा... जम्मू कश्मीर में अंतिम परिसीमन 1995 में हुआ था... 2005 में पुनः होना था, उससे पूर्व 2002 में फ़ारूक़ अब्दुल्ला की सरकार ने जम्मू कश्मीर संविधान के अनुच्छेद 47 को संशोधित कर इसमें उप क्लोज़ 3 जोड़ा गया... जिसने परिसीमन के गठन को 2026 तक के लिए स्थगित कर दिया गया..  तो राज्यपाल की इस अनुमति के बाद यह अनुच्छेद निष्प्रभावी हो जाएगा...

यह आयोग जम्मू कश्मीर की कुल 87 सीट ( जम्मू की 37 सीट, लद्दाख की 4 सीट और कश्मीर की 46 सीट) को पुनः निर्धारित करेगा। इससे जम्मू क्षेत्र में सीट बढ़ने और कश्मीर से सीट घटने की पूरी संभावना हैं...

Note:-क्या यह क़दम 370 और 35A को हटाने के लिए प्रभावी होगा?
सादर
प्रवीण दान चारण ( वलदरा )