Health sector in India ( भारत का स्वास्थ्य क्षेत्र )

Health sector in India ( भारत का स्वास्थ्य क्षेत्र )

Health sector in India ( भारत का स्वास्थ्य क्षेत्र )

 

समय- समय पर नीति आयोग स्वास्थ्य क्षेत्र के संदर्भ में रिपोर्ट जारी करती रहती है क्योंकि इससे हमारे देश की वास्तविक स्थिति का अंदाजा लगता है 2019 में भारत का स्वास्थ्य अब सार्वजानिक और राजनीतिक विमर्श का केंद्र और मुद्दा बन गया है।

25 जून, 2019 को नीति आयोग नेस्वस्थ राज्य, प्रगतिशील भारतरिपोर्ट का दूसरा संस्करण जारी किया था, जिसमें आयोग ने बताया कि समग्र प्रदर्शन की दृष्टि से शीर्ष तीन राज्य-केरल, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र  हैं स्वस्थ राज्य, प्रगतिशील भारत के रिपोर्ट में उच्च है, जबकि वार्षिक वृद्धिशील प्रदर्शन की दृष्टि से शीर्ष तीन राज्य-हरियाणा, राजस्थान और झारखंड हैं।

 यह रिपोर्ट विश्व बैंक के तकनीकी सहयोग तथा केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के परामर्श से नीति आयोग  द्वारा विकसित किया गया है।

इस रिपोर्ट के अनुसार स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सेवाओं के मोर्चे पर बिहार, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड एवं ओडिशा का प्रदर्शन विगत रिपोर्ट की तुलना में खराब प्रदर्शित हुआ है, जबकि इसके विपरीत हरियाणा, राजस्थान और झारखंड में उल्लेखनीय रूप से सुधार हुआ है।

 

रिपोर्ट का वर्णन:- 

  • यह स्वास्थ्य सूचकांक (Health Index) 23 संकेतकों (Indicators) पर आधारित है, जिनका प्रयोग कंपोजिट सूचकांक स्कोर की गणना कर समग्र प्रदर्शन रैंक तथा वृद्धिमान रैंक तैयार करने के लिए किया गया है।
  • यह रिपोर्ट एकवार्षिक सुव्यवस्थित निष्पादन साधन’ (Annual Systematic Performance Tool) है जिसके जरिएस्वास्थ्य के क्षेत्र में राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के प्रदर्शन को देखा और अनुमान लगाया कि कहा स्वास्थ्य खराब है और कहा सही
  • और इसके साथ ही राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में स्वास्थ्य संबंधी परिणामों या पैमानों के साथ-साथ समग्र प्रदर्शन में हुए वार्षिक वृद्धिशील परिवर्तनों की रैंकिंग और तुलना सही तरह से कि गई है
  • रिपोर्ट के दूसरे संस्करण में राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में दो वर्षों की अवधि (2016-17 तथा 2017-18) के दौरान हुए वृद्धिशील सुधारों एवं समग्र प्रदर्शन को मापने और उन पर प्रकाश डालने पर लक्ष्य (Focus) किया गया है।
  • प्रत्येक क्षेत्र को विशेष महत्व (Weightage) दिया गया है, जो उसकी अहमियत (Importance) पर आधारित है और जिसे विभिन्न संकेतकों के मध्य समान रूप से वितरित किया गया है।
  • राज्यों केसंदर्भ वर्ष की सूची’ (Index) को स्कोर रेंज के आधार पर 3 वर्गों -फ्रंट-रनर : शीर्ष एक-तिहाई, अचीवर्स : मध्यम एक-तिहाई तथा आकांक्षी : निम्नतम एक-तिहाई में वर्गीकृत किया गया है और इसके अलावा वृद्धिशील प्रदर्शन के आधार पर चार समूहों यथा-कोई सुधार नहीं (< = 0 वृद्धिशील बदलाव), न्यूनतम सुधार (0.01-2 अंक तक), मामूली सुधार (2.01-4 अंक तक और सर्वाधिक सुधार (>4 अंकों से अधिक)
  • स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए सरकार ने 2017 में नई राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति की घोषणा की गई और उसके बाद 2018 में आयुष्मान भारत कार्यक्रम आरंभ किया गया जो कि बहुत जोर शोर से चलाराष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति में 2025 तक स्वास्थ्य क्षेत्र पर परिव्यय बढ़ाकर जीडीपी का 2.5% किए जाने का सरकार ने मंसूबा बांधा है।

    रिपोर्ट के परिणाम:-

  • बड़े राज्यों में केरल, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र को समग्र प्रदर्शन की दृष्टि से शीर्ष रैंकिंग दी गई है।
  • जबकि हरियाणा, राजस्थान और झारखंड वार्षिक वृद्धिशील प्रदर्शन की दृष्टि से शीर्ष तीन राज्य हैं।
  • हरियाणा, राजस्थान और झारखण्ड ने विभिन्न संकेतकों के मामले में आधार से संदर्भ वर्ष तक स्वास्थ्य परिणामों में अधिकतम बेहतर प्रदर्शन किया है।
  • छोटे राज्यों में समग्र प्रदर्शन के आधार पर मिजोरम को शीर्ष रैंकिंग दी गई है। तत्पश्चात मणिपुर का स्थान है।
  • जबकि वार्षिक वृद्धिशील प्रदर्शन के आधार पर त्रिपुरा को शीर्ष रैंकिंग दी गई है और उसके बाद मणिपुर का स्थान है।
  • मणिपुर ने विभिन्न संकेतकों के मामले में सर्वाधिक वृद्धिशील  प्रगति दर्ज की है।
  • केंद्रशासित प्रदेशों में समग्र प्रदर्शन के आधार पर चंडीगढ़ प्रथम और दादरा एवं नगर हवेली दूसरे स्थान पर है, जबकि वार्षिक वृद्धिशील प्रदर्शन के आधार पर दादरा एवं नगर हवेली प्रथम और चंडीगढ़ दूसरे स्थान पर है।