Current affairs/Daily Current Affairs - 28 May 2019

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प्लास्टिक निपटान योजना

चर्चा में क्यों ?
हाल ही में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) द्वारा 25 से अधिक राज्य सरकारों पर प्लास्टिक कचरे के व्यवस्थित निपटान हेतु अपनी संबंधित कार्ययोजना प्रस्तुत नहीं करने के लिए प्रत्येक राज्य को एक करोड़ रुपये का पर्यावरण मुआवजा देना पड़ सकता है।
♦️राष्ट्रीय ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के आदेशानुसार 25 राज्यों को CPCB को 30 अप्रैल तक कार्य योजना प्रस्तुत करनी थी, जिसमें ये राज्य विफल रहे अतः उन्हें एक करोड़ रुपये प्रति माह की दर से क्षतिपूर्ति देनी होगी।

संदर्भ:-
♦️आज से कुछ समय पहले दक्षिणी स्पेन के समुद्री तट पर एक मरी हुई स्पर्म व्हेल बहकर आई जिसने कई लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा। ♦️जिसकी जाँच-पड़ताल से यह पता चला कि उसके पेट और आँतों में जमे 64 पाउंड के प्लास्टिक कचरे ने उसकी जान ले ली थी।
♦️इस घटनाक्रम ने हमें सोचने के लिए विवश किया।
♦️पृथ्वी पर हानिकारक प्लास्टिक कचरे के सैलाब भर गए है? 

प्लास्टिक और उससे जुड़े विभिन्न पहलु:-
♦️प्लास्टिक सिंथेटिक फाइबर की तरह ही एक पॉलीमर है।
पॉलीमर किसे कहते है ? जब रासायनिक पदार्थों के छोटे-छोटे यूनिट मिलकर एक बड़ा यूनिट बनाते हैं तो उसे पॉलीमर कहते हैं। 
♦️कुछ प्राकृतिक तथा कृत्रिम पॉलीमर भी होते है। प्राकृतिक पॉलीमर, जैसे- कॉटन, सिल्क आदि और कृत्रिम पॉलीमर, जैसे- सिंथेटिक फाइबर यानी नायलॉन,पॉलिस्टर,रेयॉन,एक्रेलिक आदि।
♦️थर्मोप्लास्टिक गर्म होने पर आसानी से अपना आकार बदल लेते हैं वहीं, थर्मोसेटिंग प्लास्टिक गर्म होने के बाद भी अपना आकार नहीं बदलते। पॉलीथिन और PVC थर्मोप्लास्टिक के उदाहरण हैं जिनका प्रयोग खिलौनों एवं विभिन्न प्रकार के कंटेनरों में किया जाता है। बेकेलाइट और मेलामाइन थर्मोसेटिंग प्लास्टिक के उदाहरण हैं जिनका प्रयोग बिजली के सामानों में किया जाता है।
सरकार इसके लिये और कौन से प्रयास कर रही है?
♦️ भारत का Plastic Waste Management Rules 2016, जिसके अनुसार 50 माइक्रोन की मोटाई से कम वाले प्लास्टिक बैग पर प्रतिबंध लगाया है और 2 सालों के अंदर non-recyclable एवं multi-layered plastic के निर्माण और बिक्री को चरणबद्ध तरीके से हटाने का निर्देश दिया गया है।♦️पर्यावरण मंत्रालय द्वारा हाल ही में Plastic Waste Management (amendment) rules 2018 अधिसूचित किया है, जिसके अनुसार वैसे multi-layered plastic, जिनकी रिसाइक्लिंग नहीं हो सकती, उन्हें चरणबद्ध तरीके से बाहर करना शामिल है। 
♦️ केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और Solid Waste Management Rules, 2016 के अनुसार, सूखे कचरे यानी प्लास्टिक, पेपर, मेटल, ग्लास और गीले यानी किचन और बगीचे के कचरे को, उनके स्रोत पर ही अलग करना होगा। 
♦️ समुद्री प्लास्टिक के बॉर्डरलेस नेचर को देखते हुए विश्व स्तर पर वैज्ञानिक और कार्यकर्त्ता इसके लिये एक वैश्विक हल की बात कर रहे हैं।