Current affairs/Daily Current Affairs - 25 May 2019
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न्यायाधीशों की नियुक्ति

चर्चा में क्यों ?
हाल ही में सर्वोच्च न्यायालय में कॉलेजियम पद्धति द्वारा शीर्ष अदालत के चार न्यायाधीशों के नामों को केंद्र ने मंजूरी प्रदान की है।
♦️जिनमे चार नियुक्त न्यायाधीश है-
1:- न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस
2:- न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना 
3:- न्यायमूर्ति बी आर गवई 
4:- न्यायमूर्ति सूर्यकांत 

♦️ सुप्रीम कोर्ट में नियुक्त हुए चार नए न्यायाधीशों के बाद जजों की निर्धारित संख्या (31) पूरी हो गई है। अब तक, शीर्ष न्यायालय में मुख्य न्यायाधीश सहित 27 न्यायाधीश कार्यरत थे।
♦️सरकार द्वारा 2008 में सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या 26 से बढ़ाकर 31 की थी। जिसके बाद यह पहला मौका है, जब सुप्रीम कोर्ट में जजों का कोई पद खाली नहीं है।

संविधान में प्रावधान:-
♦️भारत का उच्चतम न्यायालय या भारत का सर्वोच्च न्यायालय या भारत का सुप्रीम कोर्ट भारत का शीर्ष न्यायिक प्राधिकरण है।जिसका उल्लेख भारतीय संविधान के भाग 5 अध्याय 4 में किया गया है।
♦️संघात्मक शासन में सर्वोच्च, स्वतंत्र और निष्पक्ष न्यायालय का होना आवश्यक है। क्योंकि लोकतंत्रात्मक व्यवस्था में व्यवस्थापिका तथा कार्यपालिका द्वारा संविधान का अतिक्रमण किया जाता है। इसलिये यहाँ भी एक संघीय न्यायालय का प्रावधान है, जिसे सर्वोच्च न्यायालय कहते हैं। 
♦️सर्वोच्च न्यायालय को संविधान का व्याख्याता, अपील का अंतिम न्यायालय, नागरिकों के मूल अधिकारों का रक्षक, राष्ट्रपति का परामर्शदाता, लोकतंत्र का प्रहरी और संविधान का संरक्षक माना गया है। क्योंकि भारतीय संविधान के अनुसार सर्वोच्च न्यायालय की भूमिका संघीय न्यायालय और भारतीय संविधान के संरक्षक की भाँति है।
♦️1935 का भारतीय सरकार/शासन अधिनियम (Government of India Act, 1935) भारतीय संविधान का एक प्रमुख स्रोत रहा है,जिसके अनुसार संघ और राज्यों के बीच शक्ति-विभाजन और राष्ट्रपति के संकटकालीन अधिकारों के सम्बन्ध में व्यवस्था मिलती है।
♦️इसी अधिनियम के माध्यम से भारत में एक संघीय न्यायालय (federal court) की स्थापना की गई।जिसे 1937 में स्थापित किया गया।
♦️भारतीय संविधान के अनुच्छेद 124 में सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश व अन्य न्यायाधीशों की नियुक्ति से सम्बंधित प्रावधान किया गया है। 
जिसके तहत राष्ट्रपति को यह अधिकार है की वह सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालयों के कुछ न्यायाधीशों से परामर्श करने के पश्चात् सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति करेगा। 
इसी अनुच्छेद में यह भी प्रावधान है कि मुख्य न्यायाधीश के अलावा किसी अन्य न्यायाधीश की नियुक्ति में भारत के मुख्य न्यायाधीश से सलाह अवश्य ली जाएगी।
♦️ध्यातव्य है कि सर्वोच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है परन्तु उन्हें शपत सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश द्वारा दिलाई जाती है।

एचआईवी संक्रमित बना पर्वतारोही

चर्चा का बिन्दु:-
नेपाल के रहने वाले गोपाल श्रेष्ठ ने 22 मई 2019 को विश्व की सर्वोच्च चोटी माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने वाले पहले एचआईवी संक्रमित व्यक्ति बन गए है, जो नेपाल की राष्ट्रीय फुटबाल टीम के खिलाड़ी भी रह चुके श्रेष्ठ है।इन्होंने यह उपलब्धि अपने दूसरे प्रयास में हासिल की।
HIC क्या है ?
ह्युमन इम्युनोडेफिशिएंसी वायरस (Human immunodeficiency virus) (एचआईवी) (HIV) एक विषाणु जनित रोग है, जो शरीर की रोग-प्रतिरोधक प्रणाली को कमजोर करता है। 
♦️यह अक्वायर्ड इम्युनोडेफिशिएंसी सिंड्रोम (acquired immunodeficiency syndrome) (एड्स) (AIDS) का कारण बनता है, इससे संक्रमित व्यक्ति की प्रतिरोध क्षमता को धीरे-धीरे कम करता जाता है।
माउंट एवरेस्ट:-
♦️यह विश्व की सर्वोच्च चोटी है,जो महान हिमालय में नेपाल देश में स्थित है।
♦️इस चोटी की ऊँचाई 8848 मी. है।
♦️माउंट एवरेस्ट को अलग-अलग नामो से जानते है। जैसे नेपाल में इसे “सागरमाथा” (अर्थात स्वर्ग का शीर्ष) कहते है।
संस्कृत में इसे “देवगिरि” अर्थात देवो का निवास स्थान एवं चीन में इसे “चोमो लुंगमा” अर्थात पर्वतों की रानी के नाम से जाना जाता है।
दूसरा प्रयास:
♦️गोपाल श्रेष्ठ द्वारा माउंट एवरेस्ट फतह करने का यह दूसरा प्रयास था, इन्होंने साल 2015 में पहला प्रयास किया था, परन्तु भूकंप आने के कारण एवरेस्ट बेस कैंप से उन्हें वापस लौटना पड़ा था।
♦️गोपाल का यह दूसरा प्रयास था, जो उनके 'स्टेप-अप अभियान: एवरेस्ट मुहिम के दूसरे चरण' का हिस्सा था। इसके तहत वह समाज और देश में एचआईवी से प्रभावित बच्चों को बेहतर शिक्षा प्रदान करने के लिए जागरूकता फैलाना चाहते है।