Composite Water Management Index -CWMI 2.0

Composite Water Management Index -CWMI 2.0

नीति आयोग ने संयुक्‍त जल प्रबंधन सूचकांक (Composite Water Management Index -CWMI 2.0) का दूसरा संस्करण तैयार किया है।

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत और नीति आयोग केउपाध्यक्ष डॉ. राजीव कुमार ने संयुक्‍त जल प्रबंधन सूचकांक (Composite Water Management Index -CWMI 2.0) का दूसरा संस्करण लॉन्‍चकर दिया  है।

इस अवसर पर नीति आयोग के सदस्‍य श्री रमेश चंद, नीति आयोग केसीईओ श्री अमिताभ कांत, जल शक्ति मंत्रालय में सचिव श्री परमेश्‍वरनअय्यरऔरश्री यू.पी. सिंह; ग्रामीण विकास मंत्रालय में सचिव डॉ. अमरजीतसिन्‍हा; नीति आयोग में विशेष सचिव श्री यदुवेन्‍द्र माथुर; नीति आयोग मेंजल और भूमि संसाधन सलाहकार श्री अविनाश मिश्रा तथा जल शक्ति, ग्रामीण विकास और नीति आयोग के वरिष्‍ठ अधिकारी भी मौजूद थे।

भारत के विकास और पर्यावरण प्रणाली को बनाये रखने के लिए और जलशक्ति मंत्रालय के प्रयासों में वृद्धि करने के लिए Composite Water Management Index -CWMI 2.0  तैयार किया है. 

• 256 जिलों में जल संकट झेल रहे 1592 ब्‍लॉकों में जल संरक्षण वजल सुरक्षा सुनिश्चित करना ही इस अभियान का उद्देश्य है.  और

• 27 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में से 13 ने पिछले साल की तुलना मेंअपने जल प्रबंधन में सुधार किया है।

समग्र जल प्रबंधन सूचकांक (Composite Water Management Index -CWMI)

• जल के महत्व को ध्यान में रख कर, नीति आयोग ने  समग्र जलप्रबंधन सूचकांक को जारी किया है.

• इस सूचकांक के जरिये राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के प्रदर्शन केआकलन और उनके जल संसाधनों के प्रभावी प्रबंधन में सुधार लेन काप्रमुख साधन है.

• इस सूचकांक के जरिये सभी राज्यों और संबंधित केंद्रीय मंत्रालयों/विभागों को उपयोगी सूचना उपलब्ध हो रही है, जिससे वे उचितरणनीति बनाकर उसे जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन में लागू करसकेंगे। साथ ही एक वेब पोर्टल भी इसके लिये लॉन्च किया गया है.

• समग्र जल प्रबंधन सूचकांक में भूजल, जल निकायों की पुनर्स्थापना, सिंचाई, खेती के तरीके, पेयजल, नीति और प्रबंधन के विभिन्न पहलुओंके 28 विभिन्न संकेतकों के साथ 9 विस्तृत क्षेत्र शामिल हैं।

• समीक्षा के उद्देश्य से राज्यों को दो विशेष समूहों- ‘पूर्वोत्तर एवं हिमालयीराज्य’ और ‘अन्य राज्यों’ में बाँटा गया है।

• समग्र जल प्रबंधन सूचकांक ने आधार वर्ष 2016-17 के संदर्भ में वर्ष 2017-18 के लिये विभिन्‍न राज्‍यों को स्‍थान प्रदान किया है।  

• रिपोर्ट के अनुसार गुजरात ने संदर्भ वर्ष (2017-18) में अपना पहलास्‍थान रखा है, इसके बाद आंध्र प्रदेश, मध्‍य प्रदेश, गोवा, कर्नाटकऔर तमिलनाडु का स्‍थान है. पूर्वोत्‍तर और हिमालयी राज्‍यों मेंहिमाचल प्रदेश 2017-18 में पहले स्‍थान पर रहा.

• इसके बाद उत्‍तराखंड, त्रिपुरा और असम का स्‍थान है.

• संघ शासित प्रदेशों ने पहली बार अपने आंकड़े दिये है. पुदुचेरी शीर्षस्‍थान पर रहा है. सूचकांक में वृद्धि संबंधी बदलाव के मामले मेंहरियाणा सामान्‍य राज्‍यों में पहले स्‍थान पर और उत्‍तराखंड पूर्वोत्‍तरऔर हिमालयी राज्‍यों में पहले स्‍थान पर रहा है.

• औसतन 80 प्रतिशत राज्‍यों ने पिछले तीन वर्षों में सूचकांक परआकलन किया और अपने जल प्रबंधन स्‍कोर में सुधार किया, जिसमेंऔसत सुधार +5.2 प्‍वाइंट रहा है. 

राज्‍यों में सहयोगी संघवाद की भावना को बढ़ाने के लिए नीति आयोग ने 2018 में पहली बार समग्र जल प्रबंधन सूचकांक को लॉन्‍च किया।