राज्यपालों की नियुक्ति/Appointment of governors

राज्यपालों की नियुक्ति


चर्चा में क्यों ?

हाल ही में केंद्र सरकार की सिफारिश पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा चार राज्यों में नए राज्यपालों की नियुक्ति की गई तथा दो राज्यपालों का तबादला कर दिया। 

प्रमुख बिन्दु:-

◾️हाल में ही नागा वार्ता के पूर्व वार्ताकार R.N. रवि को नगालैंड राज्य का राज्यपाल नियुक्त किया गया है।
◾️वही दूसरी और प्रख्यात वकील एवं पूर्व सांसद जगदीप धनखड़ को पश्चिम बंगाल राज्य का राज्यपाल बनाया गया है। 
◾️रमेश बैस को त्रिपुरा राज्य का राज्यपाल नियुक्त किया गया है।
◾️ध्यातव्य है की फागू चौहान को बिहार राज्य के राज्यपाल के तौर पर लालजी टंडन का स्थान दिया गया है।
◾️ मध्य प्रदेश राज्य की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को उत्तर प्रदेश राज्य का राज्यपाल बनाया गया है, उनकी जगह बिहार के राज्यपाल लालजी टंडन लेंगे।

संविधान में प्रावधान:-

◾️भारतीय संविधान एक लिखित संविधान है जहाँ प्रत्येक विषय-वस्तु को स्पष्ट तौर से लिखा गया है। यही कारण है की प्रत्येक राज्य में एक राज्यपाल की नियुक्ति की जाती है, जों राज्यों में राष्ट्रपति के प्रतिनिधी के रूप में कार्य करता है।
◾️ भारतीय संविधान के भाग 6 में राज्य शासन के सम्बन्ध में प्रावधान दे रखे है, जहाँ अनुच्छेद 153 के अनुसार प्रत्येक राज्य में एक राज्यपाल होगा।
अनुच्छेद 154:- राज्य की कार्यपालिका सम्बंधी सभी शक्तियाँ राज्यपाल में निहित होगी।
अनुच्छेद 155:- संविधान के इस अनुच्छेद के अन्तर्गत राज्यपाल की नियुक्ति राष्ट्रपति करता है।
◾️राज्यपाल राज्य का प्रमुख होने के साथ-साथ केन्द्र के प्रतिनिधी के रूप में कार्य करता है।
अनुच्छेद 156:- राज्यपाल के कार्यकाल सम्बन्धी प्रावधान दे रखे है।
अनुच्छेद 157 एवं 158 में राज्यपाल बनने सम्बन्धी योग्यताएँ दे रखी है।
अनुच्छेद 159:- राज्यपाल की शपत का प्रावधान किया गया है।
अनुच्छेद 160:- आकस्मिक परिस्थितियों में राज्यपाल के कार्य